जिंदगी का पेहलू

            जिंदगी का पेहलू


चलने का नाम जिंदगी है।
जीवन नदी के समान बहता रहता है।
हां, लेकिन समुद्र में जाकर मिल जरूर जाता है।
वैसे ही, ये सुहानी सी जिंदगी हमेशा नहीं रहती है।

कभी उतार-चढ़ाव आ जाते हैं।
इन पड़ावों को धैर्य से पार करते चलो।
मेरी और आप की जिंदगी अलग है।
लेकिन साथ एक-दूसरे का हमेशा देते चलों।

माना मुश्किल बहुत है।
लेकिन होंसला हमेशा बड़ा रखो
अगर बड़े सपने देखे हैं।
तो उन्हें पुरा करने का साहस भी तो रखों!

कामयाबी मिले ना मिले
प्रयत्न तुम सदा करो
अपने लिए ना सही
लेकिन सब के लिए तुम दुआ करों।

किसी की दुआ रंग लायेगी
जब हम मुकाम तक पहुंचोगे
तब भी तुम, किसी का साथ मत छोड़ना
क्योंकि इंसानियत ही इंसान को काम आएगी।

-------- ममता चौहान

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